एक कठिन कार्य / A Difficult Task

काश वह मेरी होती या मैं उसकाजब भी मैं उसे देखतायही खयाल आतापर कह नहीं पातादिल धड़कता था मासूमियत सेपर … More

लौट के परफेक्ट घर को आए / Mr Perfect Returns To Imperfection

कोई भी काम वह पक्का और परफेक्ट चाहता था ।गलती कोई उसकी न पकड़ ले यही वह सोचता था ।। … More

इमारत / Building

चला था मरम्मत करनेउस इमारत कोजिसमें मैं ने नज़ाकत सेसंजोए थे कुछ नाजुक सपने,एक हथौड़ा क्या लगावह इमारत ही ढह … More

गुहार आंखों का दिल से / Eyes Plead with the Heart

अंदर कहीं छुप छुप करजाने क्या क्या कारस्तानियां करते हो तुम,कभी प्यार, कभी दुलार,कभी गुस्सा तो कभी ग्लानि,कभी खुशी कभी … More

व्यथा चांद की / Moon’s Agony

कल रात मैं फिर सोया थाखुले आसमान के नीचे निहारते हुएअपने प्यारे चांद कोटिमटिमाते तारों के बीच… पर चांद कुछ … More