झुर्रियां / The Wrinkles


इन झुर्रियों में
देखा है मैं ने
कई अहसास
एक गौरवशाली इतिहास
एक वास्तुशिल्पी युग..
जहां कभी होता था
एक सुंदर सा डिंपल
अब कई डिंपल हैं वहां-
स्नेह का
प्यार का
ममत्व का
अनुभवो का..
जिन्हें छूता हूं मैं
सहलाता हूं जब भी
अहसास होता है
एक प्रभावी आराम का
एक दिव्य शक्ति का,
जो सब कुछ समेटे है
उन झुर्रियों में..
मां कभी बूढ़ी नही होती
अपने बच्चे के लिए..


🩸🩸🩸🩸🩸🩸


In those wrinkles
I have seen
numerous feelings
a glorious history
an architectural era..
where used to be once
a beautiful dimple
now there are so many-
of love
of affection
of endearment
of experiences..
when I touch
and stroke them,
I feel a divine power
an efficacious comfort
all crumpled
in those wrinkles..
a mother never gets old
for her child ..

🔸🔸🔸🔸🔸

(I had written it
three years ago,
but never published.)
Image by D K Kaul


–Kaushal Kishore

20 Comments

  1. एक अनोखी प्रतिभा इस गीत में प्रज्वलित देख सकती हूँ मैं 😊👌🙏
    मेरे हिस्से से, बेटी , पत्नी फिर मॉं और दादी इस तरह एक एक लड़की बंधन के हर मोड़ लिपट कर अपने अनुभवों का
    एहसास ले कर अपनी ज़िन्दगी जी रही है ।यही जीवन की वास्तविकता है । वो अपने मनोभाव के साथ एक ऐसे बंधन में
    गुप्त हो गयी कि अपने शरीर में कई तरह का परिवर्तन आ गयी है और वो अहसास में उस की अभिमान अनगिनत है । मेरी कोमेंड 🌷🙏🌷

    Liked by 1 person

    1. बहुत सही कहा आपने। विभिन्न अनुभवों को अपने में समावेश करते हुए एक नारी का व्यक्तित्व अनोखा हो जाता है। आपकी भावनाओ को सराहते हुए मैं आपको धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।🙏🙏💐

      Liked by 1 person

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